Archive for March, 2012


Random 12

સંગીત મા દર્દ હોય કે દર્દ મા સંગીત હોય , મજા તો બન્ને અવસ્થા મા આવે છે….!!!
– અભિજીત

बरबादीओ का इतना जशन मनाया हमने कि ,
बरबादी भी हमारी शख्शियत को देख के बरबाद हो गई…!!!

– अभिजीत

इन्सान है रंग तो बदलेगा ही…

क़भी कोइ खुदगर्झ होके रंग बदलता है,
तो कोइ मजबुर होके रंग बदलता है,

कोइ प्यार कर के रंग बदलता है ,
तो कोइ नफरत करके….

इन्सान है रंग तो बदलेगा ही…

– अभिजीत

बे-लिबास हसरतो का क्या करे,
दिल मे झाकने वाले को अपना मान लेती है….!!!!

– अभिजीत

ભુલ થી થયેલો પ્રેમ મનુષ્ય ની દિશા બદલી નાખે છે ,

દિશા સાચી હોય તો દુનીયા બદલી નાખે છે,

પરન્તુ જો દિશા મા ભુલો પડ્યો તો મનુષ્ય ની દશા બદલી નાખે છે… !!!

 

– અભિજીત

वजह नहि हे तुजसे प्यार करने के लिये,

वजह तो हे सिर्फ तेरे दिदार के लिये ;

जिते-जी ना मिलि तो गम नहि होगा ,

पर मर के खुलि रखुन्गा आंखे तेरे दिदार के लिये.

– अभिजीत

” सिख लो”

दर्दे तनहाइ का वक्त बहुत कम होता है ,दर्दे तनहाइ मे जिना सिख लो ,

चार आसुं रोना है तो रो लो , पर उन नम आंखो से हसना सिख लो ,

हर पल हसी चाहिये लबो पे , तो पेहले खुद पे हसना सिख लो,

प्यार हर इन्सान की झरुरत हे …इसिलिए गुजारीस हे मेरी..

लोगो से प्यार कि आस न रखखे , प्यार को बाटना सिख लो ..

– अभिजीत

“તુ..”

હકિકત મા નથી તો શું થયુ મારી કલ્પના મા છે તુ ,

ના થઈ શકે તારો દિદાર તો શું થયુ આંખો ના દરેક પલકારા મા છે તુ ,

હુ સમજી શકુ છુ તારી વ્યથા ,

પણ હુ શું કરું… મારી તો વ્યથા મા પણ છે તુ .

-અભિજીત

होता अगर शंहेंशाह मोहब्बत का , तो हर जगह पे मोहब्बत की बस्ती होती ;

 

हर घर मे इश्क , हर मोहल्ले में इश्कियां होत्ती;हर दिन दीवाना ,हर शाम मस्तानी होती;

 

न कोइ दिल खमोश न कोइ दर्द क़ी हस्ती होती ,गुरुर होता हर किसीको अपनी मोहब्बत पे ;अगर हर जगह पे मोहब्बत की बस्ती होती,

 

ना कोइ जाम होता ना कोइ नशा होता बस सिर्फ मोहब्बत होती,होता अगर शंहेंशाह मोहब्बत का , तो हर जगह पे मोहब्बत की बस्ती होती.

 

– अभिजीत

“समुदंर ए मोह्ब्बत मे कुछ ऐसा डुबा की आज भी मोहब्बत का गीलापन मेह्सुस होता है”

-अभिजीत

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