वजह नहि हे तुजसे प्यार करने के लिये,

वजह तो हे सिर्फ तेरे दिदार के लिये ;

जिते-जी ना मिलि तो गम नहि होगा ,

पर मर के खुलि रखुन्गा आंखे तेरे दिदार के लिये.

– अभिजीत

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