Archive for September, 2012


“राम भी है मुजमे रावण भी,
प्यार भी करता हु नफरत भी,

एहसान भी चुकाता हु बदला भी,
वोह केह्ते है ना जैसे लोग वैसा तरीका ….
मजे भी उडाता हु और होश भी…..!!”

– अभिजीत

लोग कहेते हे मै दर्द की दुकान हु , पर दर्द बटोरना भी तो खुशी का काम है….! !

– अभिजीत

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