मेरी हसी ही मेरी खुशी है , मेरी हसी ही मेरा गम
मेरी हसी ही तो है दर्द मेरा ,मेरी हसी ही तो है मरहम …

समजने वाली बात ये है की ..
मेरी हसी मेरी पेहचान है और मेरी हसी ही मेरा राज

– अभिजीत

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