Archive for January, 2013


प्यार मेरा

क्या करुं बना हु मै उस मिट्टि से…
जन्हा दिखता है सिर्फ प्यार मेरा,…. बिकता भी है सिर्फ प्यार मेरा. .

कोइ मतलब नहीं तराझु का …क्युकि दोनो पलडे मे है प्यार मेरा..
ना सिखी है नफरत , ना करता हु गिला …
ढाइ अक्षर का जो हे प्यार मेरा, उसिके चारो तरफ हे बाझार मेरा…

-अभिजीत

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Random 08

नफरत की आरजु दिल मे जागी है आज ,
पता नही किस तरफ ले जयेगी ये हवा दिल ए नादान को…!!!

– अभिजीत

हा है बचपना मुजमे इसिलिये तो खुश हुं…
क्या उखाड लिया तुमने गंभिर हो के….!!!

– अभिजीत

इतने वक्त से कोइ रुठा नहीं तो मै मनाना भी भूल गया….!!

अधुरी कहानीयां हमेशां दिलचस्प होती है , बस उनके लिये नहीं जिनकी कहानी होती है..!!

– अभिजीत

मेरी सोने की वजह ही यही है की सपने में तू आये , सुबह की हकीकत से तो वैसे भी वाकिफ हु …!!!

– अभिजीत

Random 03

प्यार से इतनी बैइजती होने दि है खुद की , कि अब तो बैइजती भि रुख मोड के केह्ती है,
माफ कर दे मुजे  ए इंसान तु मेरे काम की चिज नहिं है,..!!

– अभिजीत

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